बात करते है एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्ष की जो मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहा है। ईरान ने इज़राइल पर जवाबी हमला किया है। यह सब जून 2025 के पहले हफ्ते में शुरू हुआ जब इज़राइल ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स और मिलिट्री टारगेट्स पर हमला किया था। अब ईरान ने भी पलटवार किया है और दोनों देशों के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच चुका है। आइए जानते हैं विस्तार से।
अब तक क्या हुआ है?
13 जून 2025 को इज़राइल ने ईरान पर एक बड़ा हमला किया जिसमें उन्होंने ईरान की परमाणु स्थलों जैसे नतांज़ साइट और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस हमले में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारी और न्यूक्लियर साइंटिस्ट मारे गए। इस पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने चेतावनी दी कि इज़राइल को “कड़ी सजा” मिलेगी — और वही हुआ!
14 जून 2025 को ईरान ने इज़राइल पर जवाबी हमला किया। ईरान ने “ऑपरेशन सीवियर पनिशमेंट” के तहत तेल अवीव और यरूशलेम पर बैलिस्टिक मिसाइल दागे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में कम से कम 3 लोग मारे गए और 41 से अधिक घायल हुए।
ईरानी राज्य मीडिया का कहना है कि यह हमला इज़राइल के पहले हमले का जवाब था और उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में साइबर हमलों सहित और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

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दोनों देशों की स्थिति
इज़राइल में क्या हालात हैं?
तेल अवीव और यरूशलेम में एयर रेड सायरन बज रहे हैं और लोग बंकरों में छिपे हुए हैं। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम उनके देश के लिए “स्पष्ट खतरा” है और यह हमला “बस शुरुआत” है। इज़राइल का आयरन डोम डिफेंस सिस्टम कई मिसाइलों को रोकने में सफल रहा, लेकिन कुछ मिसाइलों ने शहरों को नुकसान भी पहुंचाया, खासकर रिहायशी इलाकों में।
ईरान में क्या स्थिति है?
तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिव कर दिए गए हैं क्योंकि इज़राइल की ओर से फिर से हमले की आशंका है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विश्व नेताओं से अपील की है कि इज़राइल के खिलाफ कार्रवाई करें और अमेरिका पर भी आरोप लगाया कि यह हमला अमेरिका के समर्थन के बिना संभव नहीं था। ईरान के नए सैन्य कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद पाकपोर ने कहा कि वे इज़राइल के लिए “नरक के दरवाज़े” खोल देंगे।
दुनिया की प्रतिक्रिया
यह संघर्ष अब एक वैश्विक मुद्दा बन गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान न्यूक्लियर डील पर फिर से बात कर सकता है, लेकिन अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर इस्राइली हमले में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया है।
चीन ने इज़राइल की कार्रवाई की निंदा की है और कहा कि यह ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आपात बैठक बुलाई, जिसमें ईरान के राजदूत ने कहा कि इज़राइली हमले में 78 लोग मारे गए और 320 घायल हुए हैं, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आगे क्या होगा?
स्थिति अब नियंत्रण से बाहर जाती नजर आ रही है। इज़राइल की सेना को और हमलों की आशंका है, और ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि उनका पलटवार यहीं खत्म नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष ईरान को परमाणु हथियार बनाने की दिशा में और प्रेरित कर सकता है, जो पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
दोनों देशों के बीच यह संघर्ष अब और बढ़ सकता है। विश्व नेता संयम की अपील कर रहे हैं, लेकिन ज़मीन पर हालात बहुत ही तनावपूर्ण हैं।
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