श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 इस वर्ष 15 व 16 अगस्त के दिन देशभर में बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ मनाई जा रही है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के 5,252वें जन्मोत्सव की खुशी में बधाई और भक्ति रस का आयोजन है। खास तौर पर मथुरा, वृंदावन, मुंबई, दिल्ली और देश के अन्य शहरों में मंदिरों में कलशाभिषेक, झूला उत्सव, रासलीला और दही-हांडी सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

जन्माष्टमी की सही तिथि व पूजा विधि
- जनरल/स्मार्ता संप्रदाय: 15 अगस्त को पूजा-अर्चना, व्रत और रात्रि में भगवान का झूला झूलाने की परंपरा रहेगी।
- वैष्णव संप्रदाय/ISKCON: 16 अगस्त को मुख्य पूजा, रात्रि 12:04AM से 12:47AM के बीच ‘निशिता पूजा’ (भगवान के जन्म का समय)।
- अष्टमी तिथि: 15 अगस्त रात 11:49PM से शुरू होकर 16 अगस्त शाम 9:34PM तक चलेगी।
- दही हांडी: 16 अगस्त को देशभर में युवाओं की टीमें मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं करेंगी।
कैसे मना रहे हैं भक्त?
- व्रत औरपूजन: भक्त उपवास रखकर पंचामृत से बाल गोपाल का स्नान, ताजे वस्त्र, तुलसी पत्र, सफेद मक्खन, फल-दुग्ध, मिठाई का भोग लगाते हैं।
- मंदिरों में उत्सव: मथुरा, वृंदावन, द्वारका, ISKCON में विशेष भजन, रास लीला, लाइव पूजा एवं श्रीकृष्ण की झांकियां।
- सोशल मीडिया: इंस्टाग्राम, यूट्यूब शॉर्ट्स, ट्विटर पर #Janmashtami2025, #KrishnaJanmashtami, #MakhanChor जैसे हैशटैग और reels, कृष्ण मेकअप ट्यूटोरियल, बाल गोपाल ट्रांसफॉर्मेशन आदि ट्रेंड कर रहे हैं। कई ब्रांड्स ने धार्मिक कैम्पेन के साथ डिजिटल भक्ति व उत्सव को तत्पर बनाया है।
महत्त्व और संदेश
यह पर्व धर्म, कर्म, और प्रेम जैसे श्रीकृष्ण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज में सद्भाव, आनंद और उत्सव का वातावरण बनाता है। बच्चों, युवाओं, परिवारों, कंपनियों यहां तक कि NRI कम्यूनिटी तक यह भक्ति की डोर जोड़ता है। पार्कों, गली-मोहल्लों में दही-हांडी व झूला सज्जा, भजन प्रतियोगिताएँ व धार्मिक वेशभूषा से हर जगह कृष्णमय उल्लास है। इस अवसर पर अपने घर, सोशल मीडिया और समाज में कृष्ण जन्म की मधुरता बांटें।