नई दिल्ली, 19 जून 2025 – भारत के प्रमुख दूरसंचार ऑपरेटरों में से एक वोडाफोन आइडिया (Vi) ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। Vi ने अमेरिका स्थित सैटेलाइट संचार कंपनी AST SpaceMobile के साथ साझेदारी की है, जिसका उद्देश्य भारत में सीधे स्मार्टफोन से जुड़ने वाली सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को लाना है। यह एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जिससे भारत के दूर-दराज और अब तक बिना नेटवर्क वाले क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी पहुँचेगी और साथ ही यह डिजिटल इंडिया अभियान को भी मज़बूती प्रदान करेगा।
Vi की सैटकॉम रेस में एंट्री
अब Vi, एयरटेल और जिओ के बाद भारत की तीसरी प्रमुख निजी टेलीकॉम कंपनी बन गई है जिसने सैटेलाइट संचार क्षेत्र में कदम रखा है। AST SpaceMobile, जिसे AT&T, Verizon, Google, और Vodafone Plc जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियों का समर्थन प्राप्त है, SpaceX के Starlink को सीधी चुनौती दे रहा है।

क्या है यह साझेदारी?
Vi और AST SpaceMobile मिलकर एक ऐसा स्पेस-आधारित सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क बनाएंगे जो सामान्य स्मार्टफोन से सीधे जुड़ सकेगा — इसके लिए किसी विशेष हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की ज़रूरत नहीं होगी। इस तकनीक की मदद से यूज़र्स को 4G और 5G सेवाएं उन इलाकों में भी मिलेंगी जहाँ पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क पहुंच नहीं पाते।
यह तकनीक आवाज़ कॉल, वीडियो कॉल, डेटा स्ट्रीमिंग और इंटरनेट एक्सेस जैसी सुविधाएं देगी — चाहे इलाका कितना भी दुर्गम क्यों न हो।
- AST SpaceMobile उपग्रह समूहों को विकसित करने और उनका संचालन करने पर ध्यान केंद्रित करेगा,
- जबकि Vi ज़मीनी नेटवर्क के समन्वय, स्पेक्ट्रम ऑपरेशन्स और बाज़ार में पहुंच का कार्य संभालेगा।
दोनों कंपनियाँ मिलकर भारत के पिछड़े इलाकों में कनेक्टिविटी की खाई को पाटने का प्रयास करेंगी।
AST SpaceMobile के मुख्य व्यवसाय अधिकारी, क्रिस आइवरी ने कहा:
“भारत, अपने विशाल और विविध टेलीकॉम बाज़ार के साथ, हमारे स्पेस-आधारित ब्रॉडबैंड को ज़मीनी नेटवर्क के साथ जोड़ने के लिए एक आदर्श स्थान है।”
यह क्यों है एक बड़ा सौदा?
यह साझेदारी भारत के टेलीकॉम सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत कर रही है। Vi के प्रतिस्पर्धी — भारती एयरटेल और रिलायंस जिओ — पहले ही SpaceX (Starlink) और अन्य सैटकॉम कंपनियों के साथ गठजोड़ कर चुके हैं। लेकिन AST SpaceMobile की Direct-to-Device तकनीक विशेष है, क्योंकि यह बिना किसी अतिरिक्त डिवाइस या सॉफ़्टवेयर अपडेट के काम करती है। यानी, आम स्मार्टफोन से ही सीधे उपग्रह के ज़रिए 4G/5G कनेक्टिविटी मिलेगी — जो कि दूरदराज़ इलाकों, आपात स्थिति में राहत कार्यों, कृषि, और रिमोट लर्निंग जैसे क्षेत्रों में बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।
Vi के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, अवनीश खोसला ने कहा:
“भारत में सैटेलाइट आधारित मोबाइल एक्सेस अब हकीकत बन रही है, और हम निर्बाध और मज़बूत कनेक्टिविटी के एक नए दौर की ओर अग्रसर हैं।”
क्या होगा इस साझेदारी का प्रभाव?
दूरदराज़ इलाकों में कनेक्टिविटी:
यह सेवा उन क्षेत्रों तक मोबाइल और इंटरनेट पहुंचाएगी, जहाँ टावर लगाना लगभग असंभव है।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा:
सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को सीधा समर्थन मिलेगा, जिससे हर नागरिक को मोबाइल नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा।
उपभोक्ता और व्यवसायिक लाभ:
Vi और AST SpaceMobile मिलकर उपभोक्ता, व्यापारिक और IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) क्षेत्रों के लिए भी प्रोजेक्ट विकसित करेंगे।
शेयर मार्केट में हलचल:
घोषणा के बाद Vi के शेयरों में तेज़ी देखी गई — जिससे निवेशकों का भरोसा साफ़ झलकता है।
कब होगी सेवा की शुरुआत?
Vi ने अभी तक कोई सटीक लॉन्च डेट जारी नहीं की है।
एक प्रवक्ता ने कहा: “हम उपयुक्त समय पर इस परियोजना की महत्वपूर्ण प्रगति से सबको अवगत कराएँगे।”
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि यह साझेदारी भारत को वैश्विक स्पेस टेक्नोलॉजी इनोवेशन की दौड़ में आगे ला रही है।
तो, क्या आप Vi के इस नए सैटेलाइट कनेक्टिविटी वेंचर के लिए उत्साहित हैं?
यह तकनीक भारत के दूरसंचार भविष्य को किस दिशा में ले जाएगी — यह देखना रोचक होगा!
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